रामधनी भगत डिग्री कॉलेज प्रांगण में दो दिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार का आगाज ।

राजीव रंजन,
संग्रामपुर, प्रखंड क्षेत्र के प्रतिष्ठित रामधनी भगत डिग्री कॉलेज के प्रांगण में प्रथम दिन शुक्रवार को आइजोरा रिसर्च एसोसिएशन एवं रामधनी भगत डिग्री कॉलेज संग्रामपुर के तत्वावधान में दो दिवसीय अंतरास्ट्रीय सेमिनार आयोजन किया गया। सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों एवं महाविद्यालय के सचिव मनोज भगत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सेमिनार प्रातः 10:00 बजे प्रारंभ हुआ,सर्वप्रथम छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर सेमिनार में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात अनु प्रिया द्वारा शिव तांडव स्त्रोत पर नृत्य कर सेमिनार में उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया । वहीं इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के सचिव श्री मनोज भगत द्वारा अतिथियों का स्वागत बुके व शाॅल देकर किया गया।

साथ ही साथ विभिन्न विद्वानों द्वारा रिसेंट ट्रेंड्स इन मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च एंड प्रैक्टिस विषय पर ने अपनी राय रखी। इस्लामिक यूनिवर्सिटी बांग्लादेश के डॉ. धनंजय ने अपने विचार रखते हुए कहा मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च वर्तमान समय की जरूरत है इसके माध्यम से सामाजिक जरूरत के विविध आयाम को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय अंतर्गत मारवाड़ी महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार जायसवाल ने अपने वक्तव्य में कहा आने वाला कल मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च का होगा जो रिसर्च में ज्यादा अच्छा करेंगे उसे देश के खुशहाली उतनी ही बेहतर होगी। यह सदी ज्ञान की सदी है और रिसर्च इसको आधार प्रदान करता है। नई शिक्षा नीति 2020 में मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा दिया गया है, शोधार्थी को मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च को गंभीरता से लेने की जरूरत है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में मैनेजमेंट की प्राध्यापिका डॉ मणिकांता ने अपने विचार रखते हुए मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च की कमियों और खूबियों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि तथ्य को समग्रता से समझने के लिए शोध का यह तरीका सर्वाधिक उपयुक्त है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में मैनेजमेंट के प्राध्यापक डॉक्टर पंकज कुमार ने अपने विचार रखते हुए मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च को विकासशील एवं अविकसित देश के लिए जरूरी बताया उन्होंने कहा कि आप समाज को इस शोध पद्धति से बेहतर समझ सकेंगे।

इस मौके पर दर्जनों शोधार्थियों ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत इस मौके पर सनोज कुमार,विक्रम भगत, विकास कुमार, कुणाल भगत,प्रभाष कुमार, राकेश कुमार उर्फ़ बमबम, शिल्पी एवं महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित थे। आइजोरा रिसर्च एसोसिएशन झारखंड की कोऑर्डिनेटर कल्पना कुमारी ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।



