उदयगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर महापर्व छठ संपन्न।
सभी ने भगवान भास्कर से अपने जीवन में प्रेम, शांति और आनंद की कामना की।

राजीव रंजन की रिपोर्ट-
संग्रामपुर, मुंगेर।
-श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया छठ माई का विशेष प्रसाद ठेकुआ और चावल का लड्डू।
शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही चार दिवसीय महापर्व छठ अनुष्ठान शांति पूर्वक एवं विधि–विधान के साथ संपन्न हो गया। छठ पर्व का समापन हमें यह ज्ञात कराती है कि कठिन तपस्या के बाद ही सच्ची व वास्तविक सुख की प्राप्ति होती है। अंतिम दिन का महत्व है कि इसे पूरा करने के बाद ही व्रतियों का कठिन चार दिवसीय उपवास समाप्त होता है,जिसमें उन्होंने निर्जला उपवास कर तपस्या की होती है। इसके साथ ही 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास पूरा कर व्रतियों ने अन्न–जल ग्रहण कर पारण किया।
वहीं छठव्रतीयों द्वारा घाट पर उपस्थित सुहागन महिलाओं को सिंदूर लगाकर आशीर्वाद दिया गया। श्रद्धालुओं ने उषा अर्घ्य के साथ ही अपने संकल्पों की पूर्ति के लिए सूर्यदेव और छठी मैया से प्रार्थना की। माना जाता है कि जो भक्त श्रद्धा और सच्चे मन से इस पूजा को करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। छठ पूजा का त्यौहार न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। परिवार और समाज के लोग एकजुट होकर इस पावन पर्व को मनाते हैं, जिससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।

वहीं मुंगेर जिले के प्रखंड क्षेत्र संग्रामपुर में छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया। शुक्रवार को भगवान भास्कर को उषा अर्घ्य देने के लिए नगर पंचायत संग्रामपुर के श्रद्धालुओं का सुबह चार बजे से ही बेलहरणी नदी पर बने घाटों पर भक्ति- भाव से सिर पर डाला लेकर गाजे–बाजे के साथ पहुंचना आरंभ हो गया था।

अन्य वर्षों की तुलना में इस बार नगर पंचायत,संग्रामपुर द्वारा नगर पंचायत क्षेत्रों में छठ घाटों की साफ–सफाई के साथ बिजली का प्रबंध अधिक उत्तम था, विशेषकर छठ व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था थी। वहीं संग्रामपुर अंचल अधिकारी सह दंडाधिकारी निशीथ नंदन तथा थानाध्यक्ष तारकेश्वर कुमार सिंह के नेतृत्व में संग्रामपुर पुलिस बल द्वारा प्रखंड क्षेत्रों में विधि व्यवस्था कायम रखने में अपनी अहम भूमिका निभाई। चौंक–चौराहे से लेकर भीड़–भाड़ वाले जगहों पर तथा किसी भी स्थिति से निबटने को लेकर लगातार सड़कों पर गश्ती करते देखे गए। प्रखंड क्षेत्रों में कई जगहों पर घर के छत पर ही जल कुंड बनाकर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित कर छठ पूजा संपन्न किया गया। ऐसी मान्यता है कि भगवान सूर्य साक्षात देवता हैं तथा जो भी श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी आराधना करते हैं भगवान उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। महिलाओं द्वारा गए जा रहे छठ गीत से माहौल भक्तिमय हो गया था। चारों ओर स्वo शारदा सिन्हा के द्वारा गाए गए छठ गीत गुंजायमान हो रहे थे। वहीं प्रखंड मुख्यालय के समीप,नगर पंचायत कार्यालय बेलहरणी नदी किनारे तथा झिझुली,चंदनिया सहित अन्य पंचायतों में सूर्यदेव तथा छठ माई की प्रतिमा स्थापित कर महापर्व छठ शांतिपूर्वक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न किया।




