जमुई में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस’ समारोह में प्रधानमंत्री के साथ शामिल हुए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री।

राजीव रंजन
जमुई- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जमुई जिला के खैरा प्रखंड के बल्लोपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर प्रधानमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 6600 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ, शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस समारोह के अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वागत में बड़ी संख्या आई हुई है साथ ही उन्होंने लोगों को उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद कहा। नीतीश कुमार ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी एक-एक काम देश के लिए कर रहे हैं और बिहार को भी पूरी तौर पर मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज 15 नवंबर को जमुई में भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्मदिवस के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया है और यह बहुत खुशी की बात है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री जी जमुई आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने पर उनका स्वागत एव अभिवादन किया , साथ ही साथ उन्होंने बिहार के राज्यपाल, केंद्रीय मंत्रीगण, बिहार के मंत्रीगण और कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद व अभिवादन किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के नायक थे जिन्होंने जनजातीय समाज के लिए काफी संघर्ष किया था। भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर, 1875 को रांची में हुआ था उन्होंने कहा कि आज भले ही रांची बिहार का भाग नहीं है परंतु उस समय जब उनका जन्म हुआ था तब बंगाल, बिहार और उड़ीसा एक ही था। आजादी की लड़ाई के कुछ दिनों के बाद बंगाल से बिहार अलग हुआ और उसके कुछ महीनों के बाद उड़ीसा अलग हुआ। उन्होंने कहा झारखंड काफी दिनों के बाद वर्ष 2000 में बिहार से अलग हुआ था उस समय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में जो केंद्र में सरकार थी, उसने बिहार से अलग झारखंड राज्य बनाने का निर्णय लिया था। देश की आजादी और आदिवासी समाज के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा का बड़ा योगदान रहा है। जब वे अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे तब उन्हें जेल में डाल दिया गया था जहां वर्ष 1900 में 25 साल में उनका निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रद्धेय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 से भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस साल भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्मदिवस का करीब 150 साल हो गया है। जनजातीय गौरव दिवस के अलावे जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए आज श्रद्धेय प्रधानमंत्री जी ने 6600 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है, इसके लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं, यह बहुत बड़ी बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2007 में पटना में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगवाई गई है। राज्य सरकार द्वारा हर साल 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाता है। आज भी वहां पर इसे राजकीय समारोह के रूप में मनाया गया है। वर्ष 2005 में बिहार में एन०डी०ए० की सरकार बनी तब से हमलोगों ने वहाँ पर जनजातीय समाज के लिए बहुत सारे काम किए हैं। आज के इस कार्यक्रम में पधारे हुए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का पुनः मैं अभिनंदन करता हूं और इसके साथ बिहार के माननीय राज्यपाल महोदय और इस कार्यक्रम में जुड़े हुए सभी अतिथियों का मैं आभार प्रकट करता हूं। साथ ही इस कार्यक्रम के आयोजन हेतु राज्य एवं केंद्र सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद देता हूं।
वहीं कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तिलका मांझी की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सहित मंचासीन अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा का स्मारक चिह्न एवं स्मारक डाक टिकट जारी किया।

कार्यक्रम की शुरुआत के दौरान मंच के पास जनजातीय विरासत, वीर सपूतों की गाथा तथा जनजातीय नागरिकों की उद्यमिता पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई जिसका अवलोकन प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने किया।



