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जो खानदानी रहीश है वो….तुम्हारी दौलत नई नई है.. गज़ल वाले सत्यम को जानते है, अचानक पहुंच गए बांका फिर क्या हुआ देखे वीडियो….

मशहूर गजल गायक सत्यम अपने गांव पहुंचे मां का लिया आशीर्वाद.


बौसी (बांका)
गोकुला के मूल वासी सूफियाना आवाज और गजल गायकी के लिए मशहूर कुमार सत्यम देश और दुनिया में अपने लाजवाब आवाज के लिए किसी परिचय का मोहताज नहीं है। अपने बेहतरीन आवाज के साथ मशहूर गजल गायक पंकज उदास अनूप जलोटा, वडाली ब्रदर्स, जावेद अली, सोनू निगम सहित कई दिग्गज गायक के साथ झारखंड महोत्सव फिनिक्स मार्केट सिटी बेंगलुरु में एग्री प्लांट्स बेंगलुरु में सिवरा फार्मास्यूटिकल पटना जैसी कंपनियों के प्रायोजित आयोजन सहित बिहार महोत्सव, अवध महोत्सव मंदार महोत्सव,सिंहेश्वर महोत्सव, सोनपुर मेला महोत्सव, अयोध्या महोत्सव आदि में मंच से अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी है.

गजल गायक कुमार सत्यम ने बातचीत में बताया कि भारतीय संस्कृति कला कोई जवाब नहीं देश ही नहीं विदेश में भी इसकी काफी लोकप्रियता है जब वह कार्यक्रम के दौरान दौरे पर होते हैं तो यह जानकारी उन्हें मिलती है।भारत के गीत और संगीत की विदेश में धूम मची है। अपने गांव आकर उन्हें यह महसूस होता है कि वह प्रथम गायकी पाठशाला कोई नमन करने आए हैं जहां से उन्होंने संगीत की शिक्षा शुरू की थी।अपने गांव पहुंचने पर उन्हें बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद और सहपाठी यार दोस्त उनके साथ सेल्फी ले रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें देश केभर में जो प्यार और सम्मान मिला है वह कम नहीं है मगर अपनों का यह प्यार अभिभूत कर देता है। गांव की जिंदगी शहर की जिंदगी से अलग और आनंद दायक है।समय निकालकर उन्होंने गौ सेवा किया और गांव के मंदिरों के दर्शन किए। खेत खलिहानों में जाकर गांव की ताजी हवा का आनंद लिया।सत्यम ने बताया कि बड़े शहरों की हवा से कहीं अच्छी है अपने गांव की ताजी और शुद्ध आवो हवा जिसका कोई जवाब नहीं है।
शहर भले ही बड़ा हो लेकिन गांव के ताजगी के सामने छोटी है। वह अपनी मां से भी मिलने और गांव के बुजुर्गों से मिलनेगांव आए थे।अगले साल दूरदर्शन और कई बडे महोत्सव में उनकी प्रस्तुति है।

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