बिहार में बेमौसम बारिश और आंधी से तबाही: 24 की मौत, गेहूं की फसल चौपट, जनजीवन अस्त-व्यस्त।
राजीव रंजन
बिहार में गुरुवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया और दोपहर करीब एक बजे के आसपास पूरे राज्य में तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और बारिश ने कहर बरपा दिया। राजधानी पटना समेत भोजपुर, बक्सर, सासाराम, छपरा, कैमूर, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, सहरसा, मधुबनी, अररिया सहित राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया। करीब 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, टिन शेड उड़ गए, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और सड़कों पर घंटों जाम की स्थिति बन गई।

•फसलों को भारी नुकसान:-
बिहार के किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश किसी आपदा से कम नहीं रही। राज्य भर में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल और पहले से काटकर रखी गई रबी की फसलें पानी में भीगकर बर्बाद हो गईं। मधुबनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, शिवहर, बेतिया, मैनाटांड़, चनपटिया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
मधुबनी जिले में ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। वहीं समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में तेज आंधी और ओलों ने रबी की फसलों को चौपट कर दिया है। खेतों में पड़ी गेहूं की फसलें भीग जाने के कारण अब उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने बताया कि यह बारिश उनकी सालभर की कमाई और मेहनत को बहा ले गई है।
•जनहानि और बिजली गिरने से मौतें:-
सबसे अधिक दुखद स्थिति सीवान जिले में देखने को मिली, जहां दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दरौंदा थाना क्षेत्र के धनौता गांव के राजू कुमार और महाराजगंज थाना क्षेत्र के सरेया मठिया गांव के राकेश गिरी खेत में काम कर रहे थे। जैसे ही बारिश शुरू हुई, दोनों अपने-अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन पर आकाशीय बिजली गिर गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटनाएं अलग-अलग जिलों में हुई हैं, जिससे सरकार और प्रशासन भी चिंतित है।
•शहरों में जलजमाव और बिजली संकट:-
तेज बारिश और हवाओं के कारण कई शहरों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बेतिया, पटना और अन्य शहरी इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया जिससे राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। बेतिया में सुबह से ही मौसम में बदलाव देखा गया, जो दिन भर जारी रहा।
तेज हवाओं के झोंकों से कैमूर जिले में कई पेड़ गिर गए, बिजली के पोल उखड़ गए और होर्डिंग्स तथा पोस्टर उड़ते नजर आए। कई जगहों पर टिन शेड और करकट की छतें भी उड़ गईं। शहरी इलाकों में तेज आंधी के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे कई घंटे तक अंधेरा छाया रहा।
•मौसम विभाग की चेतावनी:-
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी हवाओं के दबाव के कारण यह अचानक मौसम परिवर्तन हुआ है। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
•सरकार की तैयारी और राहत कार्य:-
अब तक की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है। जिला प्रशासन को नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को फसल बीमा और मुआवजे के लिए भी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।



