तारापुर में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन सुविधाएं विकसित करने हेतु 15 एकड़ 01 डिसमिल भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति।
इस भूमि पर ईशा फाउंडेशन, ईशा योग केन्द्र द्वारा ईशा आध्यात्मिक और योग केन्द्र होगा स्थापित।

राजीव रंजन
तारापुर(मुंगेर)- बिहार सरकार के कैबिनेट बैठक में कतिपय शर्तों के अधीन मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन सुविधाएं विकसित करने हेतु कृषि विभाग की मौजा– गाजीपुर, थाना सं–191, जमाबंदी संख्या – 289 की 15 एकड़ 01 डिसमिल (पन्द्रह एकड़ एक डिसमिल) भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में प्रस्ताव पास हो गया। प्रसताव में कहा गया है कि
बिहार प्राचीन, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्राचीन केन्द्र रहा है। राज्य में पर्यटन उद्योग की अपार संभावनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा देश–विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चालू की गयी हैं। मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर प्राचीन अंग जनपद के रूप में पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। तारापुर मुंगेर शिव परिसर के मुख्य केन्द्रों में से एक है। काँवरिया पथ पर यह अवस्थित है। इस पथ पर प्रतिवर्ष श्रावण मास में लाखों की संख्या में श्रद्धालु / काँवरिया सुल्तानगंज से देवघर जलाभिषेक हेतु पैदल यात्रा करते हैं। मुंगेर में ही विश्व प्रसिद्ध बिहार योग विद्यालय अवस्थित है, जहां पर विश्व के कोने-कोने से विद्यार्थी योग की शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त मुंगेर जिले में पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन हेतु आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
ईशा फाउंडेशन, ईशा योग केन्द्र, वेल्लियंगिरी फूटहिल, कोयंबटूर, तमिलनाडु द्वारा एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है जिसके अनुसार उक्त संस्था द्वारा राज्य में आध्यात्मिक और योग केन्द्र की अन्य गतिविधियों की स्थापना तथा आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक परिवेश के प्रतिकृति के रूप में स्थापना हेतु 10–20 एकड़ भूमि के निःशुल्क आवंटन का अनुरोध किया गया है ताकि उक्त भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थल का निर्माण एवं प्रबंधन उनके द्वारा किया जा सके।
मंत्रिपरिषद द्वारा उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन सुविधाएं विकसित करने हेतु कृषि विभाग की मौजा– गाजीपुर, थाना सं–191, जमाबंदी संख्या – 289 की 15 एकड़ 01 डिसमिल (पन्द्रह एकड़ एक डिसमिल) भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
इस स्थल के विकास हेतु पर्यटन विभाग द्वारा ईशा फाउंडेशन, ईशा योग केन्द्र, वेल्लियंगिरी फूटहिल, कोयंबटूर, तमिलनाडु के साथ समझौता ज्ञापन कर 1 रुपये के टोकन शुल्क पर लीज के माध्यम से 99 वर्षों के लिए उक्त भूमि हस्तांतरित की जा सकेगी। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हेतु प्राधिकृत किया जाएगा। निर्माण कार्य पर होने वाले व्यय का वहन उपयुक्त ट्रस्ट द्वारा किया जायेगा। निर्माण के उपरांत उक्त स्थल का प्रबंधन भी उपयुक्त ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। उक्त भूमि पर समग्रित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास से न केवल आस-पास के क्षेत्र का विकास होगा बल्कि कांवरिया पथ के श्रद्धालुओं को सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।



