युवा आईपीएस अधिकारी हर्षवर्धन सिंह: संघर्ष, सफलता और दुःखद अंत ।

राजीव रंजन
सहरसा/-सहरसा जिले के सोनबरसा राज थाना क्षेत्र के फतेहपुर पडरिया गांव के रहने वाले 2023 बैच के युवा आईपीएस अधिकारी हर्षवर्धन सिंह का जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल था। दो सरकारी नौकरियां छोड़कर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और सफलता पाई। मैसूर में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, वह कर्नाटक के हासन में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के पद पर तैनाती के लिए जा रहे थे।
रविवार देर शाम, हासन में गंतव्य से मात्र 10 किलोमीटर पहले उनकी गाड़ी का टायर फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ और घर से टकरा गया। इस हादसे में हर्षवर्धन की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
गांव और परिवार में शोक की लहर:-
हर्षवर्धन के निधन की खबर सुनकर उनके पैतृक गांव और परिवार में गहरा शोक छा गया। उनके पिता अखिलेश सिंह मध्य प्रदेश में एसडीएम हैं और उनके छोटे भाई आनंद वर्धन आईआईटी से इंजीनियरिंग कर यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। गांव वाले हर्षवर्धन के सरल स्वभाव और प्रेरणादायक जीवन के किस्से साझा कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार की तैयारी:-
हर्षवर्धन का पार्थिव शरीर कर्नाटक से पटना और फिर उनके पैतृक गांव लाया जाएगा। अंतिम संस्कार मंगलवार को संपन्न होगा। गांव के लोग उन्हें न केवल एक अधिकारी बल्कि प्रेरणा का स्रोत मानते थे। उनके संघर्ष और दृढ़ निश्चय ने सभी के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है।



