राष्ट्रीय प्रेस दिवस का आयोजन संपन्न ।

राजीव रंजन
भागलपुर/- शनिवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस आयोजन में संयुक्त निदेशक जनसंपर्क और प्रेस प्रतिनिधियों का विशेष सहयोग रहा। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मीडिया की समाज में भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “सरकार जनकल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित करती है, जिनमें आपदा प्रबंधन, बाढ़, सुखाड़ जैसी स्थितियों में मीडिया अहम भूमिका निभाती है। मीडिया अक्सर प्रशासन से पहले घटनास्थल पर पहुंचती है और महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराती है।”उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी केवल सूचनाएं प्रसारित करना ही नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक प्रभावशीलता पर विचार करना भी है। “प्रत्येक समाचार का समाज पर प्रभाव पड़ता है। इसे लिखते समय यह सोचना चाहिए कि इसका बच्चों, महिलाओं, और बुजुर्गों पर क्या असर होगा।” जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पत्रकारों से आग्रह किया कि वे नए पत्रकारों को प्रशिक्षित करें और उन्हें यह भी सिखाएं कि क्या नहीं करना चाहिए। “गलत खबरें प्रसारित होने से हजारों लोगों की मानसिकता प्रभावित होती है। इसीलिए प्रमाणिकता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।” कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में इसकी भूमिका पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा, “मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो सरकार को निरंतर फीडबैक देती है।” संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता ने भारतीय प्रेस परिषद के इतिहास और उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना 4 जुलाई 1966 को हुई थी और यह 16 नवंबर 1966 से प्रभावी रूप से कार्यरत है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ संवाददाताओं राजीव सिद्धार्थ, अनुज कुमार शिवलोचन, प्रवीण कुमार मिश्रा, और अरविंद कुमार ने भी विचार साझा किए। उन्होंने मीडिया की बदलती प्रकृति और चुनौतियों पर चर्चा की। इस अवसर पर सभी पत्रकारों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का समापन मीडिया के सामाजिक और नैतिक दायित्वों को लेकर आत्ममंथन के आह्वान के साथ हुआ।



