मुंगेर विश्वविद्यालय में ‘ विकसित भारत युवा संसद 2025 ‘ के दो दिवसीय मेगा आयोजन का हुआ समापन।

•रामधनी भगत डिग्री महाविद्यालय से सत्र 2023- 27 के छात्र शुभम कुमार ने एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर रखे अपने विचार।

राजीव रंजन
मुंगेर/- मुंगेर विश्वविद्यालय के जेआरएस कॉलेज जमालपुर में एन एस एस इकाई और नेहरू युवा केंद्र मुंगेर के संयुक्त तत्वावधान में ‘ विकसित भारत युवा संसद 2025 ‘ के दो दिवसीय मेगा आयोजन का उद्घाटन एवं युवा संसद कार्यक्रम के रूप में सत्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो डॉ देवराज सुमन ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुंगेर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो संजय कुमार थे, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो भावेशचंद्र पांडेय, डी एस डब्ल्यू, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजक नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी श्री चितरंजन मंडल थे एवं आयोजन का संचालन डॉ चन्दन कुमार, एन. एस. एस. पी. ओ, जे. सी. जे. एवं डॉ राजेश कुमार सिंह, एन एस एस पी ओ जे. आर. एस. कॉलेज जमालपुर ने सम्मिलित रूप से किया।
कार्यक्रम में रामधनी भगत डिग्री महाविद्यालय से सत्र 2023- 27 के छात्र शुभम कुमार पिता विवेका यादव ने एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर अपने विचार रखे। महाविद्यालय की ओर से सचिव मनोज कुमार भगत एवं प्रभारी प्राचार्य कुणाल कुमार ने शुभम कुमार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के आगमन के बाद कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। साथ ही कुलगीत और एन. एस. एस. के लक्ष्य गीत के बाद अतिथियों का औपचारिक स्वागत सम्मान करते हुए प्राचार्य प्रो देवराज सुमन द्वारा माननीय कुलपति को अंगवस्त्र एवं जीवंत पौधा भेंट किया गया।



इस दौरान उपस्थित माननीय कुलपति अर्धांगिनी और ज्यूरी सदस्या डॉ मंजू लाल को भी डॉ ज्योति कुमारी, एन एस एस पी ओ , महिला कॉलेज खगड़िया द्वारा सम्मानित किया गया। इसी तरह मंच पर आमंत्रित सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल के सदस्यों यथा प्रो विद्या चौधरी, प्रो गिरीशचंद्र पांडेय, प्रो जयंत चौधरी और युवा आइकॉन हीरो राजन को विभिन्न कार्यक्रम पदाधिकारियों के द्वारा अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। जे आर एस कॉलेज जमालपुर की ओर से प्रभारी प्राचार्य डॉ देवराज सुमन ने अपने वक्तव्य द्वारा माननीय कुलपति सहित सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत करते हुए कहा कि हमारे पुरखों ने हमें जो संप्रभु राष्ट्र सौंपा है, उसके व्यवस्थित संचालन के लिए नई पीढ़ी में कितनी चेतना है,इसके मूल्यांकन के लिए यह युवा संसद मुंगेर विश्वविद्यालय के विजनरी कुलपति महोदय के दिशा निर्देश से आयोजित है। हमारे कॉलेज को इस प्रकार का अवसर देने के लिए और यहां सपत्नीक पधारने के लिए महोदय का स्वागत है। हम इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी निर्णायक मंडल के सदस्यों , सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों, सभी स्वयंसेवकों , सभी शिक्षकों और अपने प्रिय छात्रों का हृदय से स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि वे बिहार विधानसभा ही नहीं बल्कि केंद्र स्तर पर भी मुंगेर का नाम रोशन करेंगे। उद्घाटन संबोधन में माननीय कुलपति प्रो संजय कुमार ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद 2025 में शिरकत करने वाले सभी युवा प्रतिभागियों की बड़ी संख्या को जानकर आश्चर्यचकित हूं और खुश भी हूं। हमारे कोऑर्डिनेटर मुनींद्र कुमार सिंह ने बताया कि पूरे बिहार में मुंगेर विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में अपना पंजीयन कराते हुए माई भारत पोर्टल पर हमें सर्वोच्च चौथे स्थान पर रखा है। इतने प्रतिभागियों का युवा संसद 2025 में प्रतिभाग करना हमें उत्साहित करता है। लेकिन मैं निजी रूप में यह कहना चाहता हूं कि कोई युवा तभी देश की सत्ता का बागडोर संभाल कर जनता का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जब वह कक्षा में नियमित शिक्षा लेकर अपनी वैचारिक धार को पैना बनाएगा। जब हमारा छात्र अपने बहुविषयक जानकारी को प्राप्त करने के लिए अपने शिक्षकों से लगातार जुड़ कर अपना दार्शनिक विजन सृजित करेगा, तब संभव है वह नेतृत्व की क्षमता को धारण करे। सूचना क्रांति के इस दौर में मुझे लगता है कि अभी भी युवाओं में जरूरी सूचनाओं का घोर अभाव है। इसके लिए कुछ ढांचागत समस्या हमारे संस्थानों की भी है और कुछ जड़ता विद्यार्थियों की ओर से भी है। कक्षा में शत प्रतिशत उपस्थिति को लेकर हम आने वाले दिनों में रचनात्मक योजनाएं बनाएंगे, जिससे बदलाव की बयार बहेगी। माननीय कुलपति अपनी कार्यालयीन व्यस्तता के कारण कार्यक्रम का उद्घाटन कर अध्यक्ष से विदा लेकर प्रस्थान किए। जिसके पश्चात मुंगेर विश्वविद्यालय के डी एस डब्ल्यू प्रो भावेश चंद्र पांडेय ने बीज वक्तव्य में ‘ एक राष्ट्र एक चुनाव ‘ के पक्ष और विपक्ष से संबंधित दोनों तरह के कानूनी प्रक्रियाओं और उसके इतिहास को सामने रखते हुए कहा कि सत्तर के दशक तक इस देश में ‘ एक चुनाव ‘ की ही श्रृंखला संचालित थी, मगर संविधान द्वारा दिए गए प्रावधानों के कारण कई बार सामयिक तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति अथवा राज्यपाल को अपना इस्तीफा तय समय से पहले भी देकर चुनाव में गए हैं , साथ ही अविश्वास प्रस्ताव से सरकार गिरने तथा धारा 356 के दुरूपयोग के कारण एकसाथ आयोजित होने वाली चुनाव प्रक्रिया खंडित हुई है। इस विषय के पक्ष और विपक्ष के अपने कई जरूरी विचार हैं, जिसके लिए प्रतिभागियों की ऊर्जा की आज परख होनी है। इसके लिए प्रतिभागियों को शुभकामनाएं। निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण सदस्या डॉ मंजू लाल ने कहा कि युवा संसद प्रतीकात्मक रूप से स्वदेश हित से युवाओं को सक्रिय बनाने का कार्यक्रम है। ‘ एक राष्ट्र एक चुनाव ‘ नामक विषय के परिप्रेक्ष्य में आपका सोचना – विचारना एक प्रकार से देश के एक तिहाई युवा आबादी को प्रतिनिधित्व देने के दृष्टिकोण से जुड़ा है। इसके लिए हमारी वर्तमान केंद्रीय सरकार को आभार है कि उन्होंने युवा एवं खेल मंत्रालय के माध्यम से इस आयोजन में शिक्षक, छात्र और समाज के तीनों घटकों को एक मंच पर लाया। गांव के देश भारत के संसद में बहुसंख्यक ग्रामीण युवाओं की चेतना नई अलख जगाएगी। इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी श्री चितरंजन मंडल ने कहा कि युवा शब्द उत्साह, उमंग, शौर्य, तेज, ओजस्विता का प्रतीक है। यह देश युवाओं का देश कहा जाता है। इसलिए राजनीतिक मामलों में उनकी भागीदारी उनमें जिम्मेदारी का भाव भरेगा। उन्होंने देशभक्ति गीत गाकर युवाओं को उत्साहित भी किया। उद्घाटन सत्र में आमंत्रित अतिथियों , ज्यूरी मेंबर्स, शिक्षकों, कार्यक्रम पदाधिकारियों , मीडिया के पत्रकारों और छात्र छात्राओं को इस कार्यक्रम की सफलता में सहभागी बनने के लिए कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उसके उपरांत भोजनावकाश के बाद युवा संसद का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आज के सत्र के अंत में प्रो विद्या चौधरी ने कहा कि ‘ एक राष्ट्र एक चुनाव ‘ जैसे विषय के पक्ष और विपक्ष में सोचना एक प्रकार की संरचनात्मक भागीदारी है। जिसका अकादमिक जगत में अपना महत्व है। लेकिन हमारे द्वारा चुने जनप्रतिनिधि जब किसी मुद्दे पर विचार करते हुए निर्णय तक पहुंचते हैं तो वह भी प्रकारांतर से हमारी बात ही करते हैं।कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह के अनुसार इस कार्यक्रम में 115 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन हुआ है, जिसमें दोनों दिनो के संसद सत्र में सारे प्रतिभागियों ने अपने विचार रखें। दिनांक 18.03.2025 का संसदीय सत्र 9 बजे से प्रारंभ किया गया, जिसे 1.00 बजे तक संपन्न कर दिया गया। समापन सत्र में ही चयनित 10 प्रतिभागियों के नाम की घोषणा की गई, जिन्हें बिहार विधानसभा के लिए सूचीबद्ध कर लिया गया।
कार्यक्रम में डॉ सुनील कुमार, डॉ नीरज कुमार, डॉ अजय प्रकाश, डॉ पूजा कुमारी, डॉ मांडवी कुमारी, डॉ रामरेखा कुमार, डॉ संजय मांझी, डॉ तबारक अंसारी, डॉ दीपक कुमार, डॉ राकेश पासवान, डॉ दिवान अकरम, डॉ राजकिशोर आदि के अलावे सुधीर, बादल कुमार, कुणाल कुमार तथा कॉलेज कर्मी गण मौजूद थे।



