बरबीघा विधानसभा: भाजपा की आक्रामक तैयारी, आश्रिति शर्मा हो सकती हैं दावेदार।

शेखपुरा/- जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। खासकर ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली बरबीघा विधानसभा सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यह क्षेत्र बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह उर्फ श्री बाबू का गृह क्षेत्र रहा है और लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। लेकिन समय के साथ यह सीट जेडीयू के पाले में चली गई। अब भारतीय जनता पार्टी इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
हाल ही में शेखपुरा में आयोजित एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने साफ संकेत दिया कि पार्टी बरबीघा सीट पर मजबूत दावेदारी पेश करेगी। उन्होंने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए इस दिशा में गंभीर प्रयास करने को कहा। इसके बाद से ही भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा जोश और सक्रियता देखी जा रही है।
भाजपा की संभावित उम्मीदवार आश्रिति शर्मा का नाम इस क्षेत्र में तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। वे लगातार बरबीघा क्षेत्र में सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रही हैं। जनसरोकार से जुड़े मुद्दों में उनकी भागीदारी और आम जनता से संवाद ने उन्हें स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया है। यदि भाजपा उन्हें उम्मीदवार घोषित करती है, तो वे विपक्ष के लिए कड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं।
हालांकि, भाजपा में कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा हो रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्टी का शीर्ष नेतृत्व आश्रिति शर्मा के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। स्थानीय समीकरणों को देखते हुए, यह संभावना प्रबल मानी जा रही है कि उन्हें ही टिकट मिलेगा।
बरबीघा सीट पर भूमिहार समुदाय की बहुलता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस, जेडीयू और जन सुराज जैसे अन्य दल भी भूमिहार जाति के उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। जातीय समीकरणों और स्थानीय जनाधार के लिहाज से यह सीट चुनावी दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक दलों की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि बरबीघा इस बार बिहार विधानसभा चुनाव का एक चुनावी संग्राम का केंद्र बनने जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और कौन इस ऐतिहासिक सीट से विजयी होकर विधानसभा तक पहुंचता है।



