पत्रकार राघवेन्द्र की नृशंस हत्या पर जेसीआई ने जताई कड़ी नाराजगी।
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की उठी मांग।

राजीव रंजन
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) ने सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेन्द्र वाजपेई की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में देशभर के वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया और पत्रकार सुरक्षा को लेकर कड़े कानून लागू करने की मांग की।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की पुलिस को पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि यह निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। संस्था ने मांग की कि दिवंगत पत्रकार के परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, हत्यारों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए।
इस वर्चुअल बैठक में देशभर से वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया और राघवेन्द्र वाजपेई की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक में गाजीपुर से डॉ. ए.के. राय, बाराबंकी से बी. त्रिपाठी, प्रतापगढ़ से सलमान खान व आशुतोष खरे, फतेहपुर से डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव, गोरखपुर से राकेश सिंह श्रीनेत्र, असम से जस्टिस विकास कुमार, राजस्थान से राजू चारण व राकेश कुमार वशिष्ठ, बिहार से कुणाल भगत और झारखंड से अशोक कुमार सहित कई पत्रकार शामिल हुए। पत्रकारों ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए।



