अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं नाट्य प्रतियोगिता में दिखा कला का अद्भुत संगम।
बिहार सचिवालय टीम के 'पोरस-सिकंदर' नाटक ने जीता दर्शकों का दिल।

बिहार सचिवालय टीम के ‘पोरस-सिकंदर’ नाटक ने जीता दर्शकों का दिल।
राजीव रंजन
पटना/- बिहार सचिवालय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के तत्वावधान में और केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड, भारत सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित ‘अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता 2024-25’ का भव्य शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इस आयोजन में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए सिविल सेवा अधिकारियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बुधवार को पटना के ऊर्जा स्टेडियम, राजवंशी नगर में संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य अधिकारियों की कला-संस्कृति में रुचि को बढ़ावा देना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।





नाट्य मंचन में दिखे सामाजिक मुद्दे और ऐतिहासिक गाथाएं:-
इस आयोजन में छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, आरएसबी चंडीगढ़, आरएसबी हैदराबाद और आरएसबी मुंबई सहित कई राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। नाट्य मंचन में समाज की ज्वलंत समस्याओं और ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
हरियाणा की प्रस्तुति ‘बलात्कार’ ने किया समाज के दोहरे रवैये पर वार:-
हरियाणा सचिवालय की टीम ने ‘बलात्कार’ नाटक का मंचन किया, जो समाज में महिलाओं के प्रति दोहरे रवैये को उजागर करता है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे एक पिता समान व्यक्ति ही लड़की की अस्मिता पर हमला करता है और अंततः नायिका न्याय प्राप्त करती है।
मुंबई टीम का ‘उनीवांची गोष्ठा’ – प्रेम और स्वीकार्यता का संदेश:-
आरएसबी मुंबई ने ‘उनीवांची गोष्ठा’ नाटक प्रस्तुत किया, जो एक अंधे युवक और गूंगी लड़की के विवाह के बाद आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित था। इस नाटक का संदेश था कि यदि हम एक-दूसरे की कमजोरियों को स्वीकार करें और साथ निभाएं, तो जीवन सुखमय हो सकता है।
आरएसबी चंडीगढ़ की ‘संक्रमण’ – पीढ़ीगत मतभेदों की कहानी:-
आरएसबी चंडीगढ़ ने ‘संक्रमण’ नाटक का मंचन किया, जो पिता-पुत्र के रिश्ते में आधुनिकता और परंपरा के टकराव को दिखाता है। इस नाटक ने पारिवारिक संबंधों में समझौते और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।
बिहार टीम के ‘पोरस-सिकंदर’ नाटक ने बटोरी वाहवाही:-
बिहार सचिवालय टीम ने इतिहास के गौरवशाली अध्याय ‘पोरस-सिकंदर’ पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक ने भारत की अजेय शक्ति और स्वाभिमान को प्रभावशाली तरीके से मंच पर उतारा। दर्शकों ने इसे खूब सराहा, क्योंकि यह संदेश देता है कि भारत कभी झुका नहीं, कभी थका नहीं और अपने गौरवशाली इतिहास को अजेय बनाए रखा।
इस प्रस्तुति के दौरान बिहार सचिवालय टीम ने अपने उत्कृष्ट अभिनय और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बिहार की टीम ने यह दिखाया कि कैसे भारतीय योद्धा विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान की रक्षा करते रहे।
प्रतियोगिता में उपस्थित रहे गणमान्य अधिकारी:-
इस नाट्य मंचन के दौरान कई प्रतिष्ठित अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें आयोजन सचिव श्री राहुल कुमार (भा०प्र०से०), श्री विजय प्रकाश मीणा (भा०प्र०से०), श्री अभिषेक रंजन (भा०प्र०से०), श्री विनोद दूहन (भा०प्र०से०), श्रीमती साहिला (भा०प्र०से०), श्रीमती प्रतिभा रानी (भा०प्र०से०), श्री निखिल धनराजर निप्पनीकर (भा०प्र०से०), श्री शेखर आनंद (भा०प्र०से०) और श्री आशुतोष द्विवेदी (भा०प्र०से०) सहित अन्य गणमान्य व्यक्तित्व शामिल थे।
तीन मार्च तक चलेगा यह सांस्कृतिक आयोजन:-
यह प्रतियोगिता तीन मार्च 2025 तक जारी रहेगी, जिसमें देशभर से आए प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आने वाले दिनों में कई रोचक और प्रेरणादायक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। इस भव्य आयोजन ने यह साबित किया कि सिविल सेवा अधिकारी प्रशासनिक कौशल के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं।



