मानसून की पहली बारिश ने खोल दी नगर पंचायत की पोल , नवनियुक्त कार्यपालक पदाधिकारी से बंधी उम्मीद ।

राजीव रंजन की रिपोर्ट –
संग्रामपुर – मानसून की पहली बारिश ने जहां किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है तो वहीं भयंकर गर्मी से झुलस रहे लोगों ने राहत की सांस ली है। विगत दो दिनों से प्रखंड क्षेत्र में हो रही रिमझिम बारिश ने नगर पंचायत के विकास की पोल खोल कर रख दी है । नगर पंचायत , संग्रामपुर के गठन को लगभग डेढ़ साल पूरा होने को है। इतने समय बीत जाने के बाबजूद भी नगर पंचायत में सिर्फ मुख्य बाजार के नाला सफाई के अलावा कोई भी विकास का कार्य आरंभ नहीं हो पाया। नगर पंचायत की मुख्य सड़क के साथ साथ गली – मोहल्ला ऐसा कोई जगह नहीं जहां कीचड़ युक्त सड़कों पर आम नागरिकों को गुजरना न पड़ता हो।

नगर पंचायत के गठन के बाद खड़गपुर में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी सूर्यानंद सिंह को संग्रामपुर नगर पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। यहां की जनता को लगने लगा कि अब विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ेगा और मूलभूत समस्याओं का निदान कर नगर पंचायत का काया कलप किया जाएगा। लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी की स्थाई नियुक्ति नहीं होने के कारण विकास के कार्य में व्यवधान उत्पन्न होती रही , कभी सूर्यानंद सिंह को कार्यपालक पदाधिकारी का पदभार मिलना तो कभी पदभार से मुक्त कर प्रखंड विकास पदाधिकारी को पदभार मिलना ये क्रम लगातार दो बार होते रहने के कारण भी नगर पंचायत के विकास कार्य में बाधा बना रहा , कार्यभार के आदान प्रदान के पाट में नगर पंचायत संग्रामपुर का विकास कार्य पिसाता रह गया,जिसका खामिजाना यहां की जनता भुगत रही है। नाला निर्माण के अभाव में वार्ड संख्या 6 और 7 के बीच से गुजरने वाली सड़कों पर तो सालों भर नाली के अभाव में घरों का गंदा पानी नदी के तरह बहते रहता है। इस मार्ग में कन्या मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को तथा मौनी महादेव मंदिर में ग्रामीणों को पूजा अर्चना करने के लिए इस गंदगी भरे मार्ग से गुजरना पड़ता है।

वहीं रानी प्रभावती उच्च विद्यालय , संग्रामपुर के मुख्य गेट के पास छिटपुट बरसात में भी तालाब का रूप धारण कर लेती है। इन दोनों सड़कों पर राहगिरों के साथ साथ स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। वार्ड संख्या 9 की मूलभूत समस्याओं में से एक नाला सह सड़क का निर्माण कार्य जरूरी है , नाला सह सड़क नहीं होने के कारण वार्ड संख्या 9 के किसानों को भारी खामिजाना भुगतना पड़ता है, नाला सह सड़क नहीं होने के कारण यहां के खेतों में लगी फसल बरसात के समय डूब जाती है। जिससे किसानों को आर्थिक क्षति झेलनी पड़ती है। मुख्य रूप से यहां के किसान सब्जी की खेती करते हैं। वार्ड संख्या 9 के वार्ड पार्षद मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि विकास कार्य अवरुद्ध होने के कारण हमलोंगों को जनता के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है।

गुरूवार को नगर पंचायत संग्रामपुर में नवनियुक्त कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री मनीला राज ने पदभार ग्रहण किया, देखने वाली बात है कि नगर पंचायत संग्रामपुर में विकास कार्य की गाड़ी किस रफ्तार के साथ आगे बढती है और कहां तक पहुंच पाती है।



