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प्रयागराज में इस्कॉन अदानी किचेन में बना महाप्रसाद, पेश किया सेवा का अनूठा मिसाल, देखे वीडियो।
बिहार जनमत के फाउंडर चेयरपर्सन कुणाल भगत ने परिवार सहित पाया महाप्रसाद एवं इस्कॉन के संतो से लिया आशीर्वाद।

प्रयागराज,इस बार महाकुंभ में बहुत कुछ श्रद्धालुओं को देखने को मिला। एक ओर सरकार एवं दूसरी ओर धार्मिक संस्था एवं कॉरपोरेट घराने श्रद्धालुओं की जमकर सेवा करते दिखे। रिलायंस हो या अदानी कई बड़े बड़े कॉरपोरेट घराने श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते नजर आए। वही पुलिस कर्मी और सफाईकर्मी सहित मेला क्षेत्र में लगे सभी कर्मचारी सेवा भाव से अपनी ड्यूटी निभाई जिससे यह महाकुंभ पुरी तरह सफल रहा। बीते दिनों बिहार जनमत के फाउंडर चेयरपर्सन कुणाल भगत परिवार सहित प्रयागराज के इस्कॉन अदानी किचेन पहुंचकर महाप्रसाद ग्रहण किया एवं इस्कॉन के महान संतो का आशीर्वाद भी लिया। आपको बता दे कि महाकुंभ में अदाणी ग्रुप इस्कॉन के साथ मिलकर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण कर रहा था। श्रद्धालु इस पहल की काफी तारीफ कर रहे थे। बड़ी दूर दूर से संगम स्नान के लिए आए थके हारे श्रद्धालु महाप्रसाद पाकर अपने को धन्य समझ रहे थे। अदाणी समूह की पहल महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए न केवल मददगार बनी बल्कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा को भी बेहद खास बना दिया। महाकुंभ में अदाणी समूह की सहभागिता समाज सेवा और धर्म के प्रति समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही थी। इस किचन को करीब आधा एकड़ जगह में बनाया गया था।साथ ही किचन में असेंबली लाइन्स बिछाई गई थी ताकि भारी सामान को क्रेन की मदद से उठाया जा सके महाप्रसाद बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही किचन को बहुत ही मॉर्डन तरीके से तैयार किया गया था। किचन में बॉयलर्स लगाए गए थे जिन पर पानी और सब्जियां और चावल गर्म करने का काम किया गया था। भारी भरकम सामान को आसानी से लाने-ले जाने के लिए ट्रैक भी बनाए गए थे। सब्जियों की साफ सफाई से लेकर खाना बनने तक हर एक व्यवस्था किचन के अंदर ही की गई थी। महाप्रसाद वितरण के लिए 15 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाए गए थे।ये महाप्रसाद बाहर और अंदर दोनों जगहों पर खिलाया जा रहा था।करीब दो सौ वालंटियर इस्कॉन की किचन में बनाए जा रहे इस महाप्रसाद को बाहर ले जाकर श्रद्धालुओं में वितरित कर रहे थे।यहां पर हर दिन करीब 40 हजार से ज्यादा लोगों को खाना खिलाया गया। ये महाप्रसाद सेवा 13 जनवरी से शुरू हुई, जो कि 26 फरवरी तक चली।



