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संग्रामपुर में औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया भूमि निरीक्षण।

राजीव रंजन

संग्रामपुर(मुंगेर)/-संग्रामपुर प्रखंड की कटियारी पंचायत में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की और क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। संध्या लगभग 4:00 बजे उपमुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर पतघाघर स्थित हेलीपैड पर उतरा, जहां स्थानीय विधायक राजीव कुमार सिंह, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उनका काफिला औद्योगिक पार्क स्थल की ओर रवाना हुआ।

औद्योगिक पार्क से बढ़ेगा रोजगार:-
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से भूमि की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि क्षेत्र में अतिरिक्त भूमि चिन्हित की जाए, जिससे भविष्य में अधिक विकास कार्य किए जा सकें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रस्तावित यह औद्योगिक पार्क क्षेत्र के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात साबित होगा, जिससे उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। औद्योगिक पार्क बनने से क्षेत्र में नए निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा और छोटे एवं मध्यम उद्योगों को स्थापित करने में सहूलियत होगी।

सड़क और बुनियादी ढांचे को लेकर की बड़ी घोषणाएं:-
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दौरान क्षेत्र में अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी चर्चा की और बताया कि हल्दिया-रक्सौल फोरलेन सड़क परियोजना इसी क्षेत्र से होकर गुजरेगी, जिससे आवागमन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने और संपर्क बढ़ाने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा, सुल्तानगंज-देवघर राजकीय राजमार्ग को भी फोरलेन में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सुल्तानगंज से बेलहर तक सड़क का निर्माण राज्य सरकार अपने खर्च पर करवाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों को सुगम यातायात का लाभ मिलेगा।

स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह:-
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। लोगों का मानना है कि इस औद्योगिक पार्क के निर्माण से क्षेत्र का समग्र विकास होगा और यहां के युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे।

औद्योगिक पार्क से जुड़े अन्य पहलू:-
औद्योगिक पार्क के निर्माण के लिए भूमि चयन और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, जैसे—बिजली, पानी, सड़क, परिवहन और संचार सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि यहां उद्योगों की स्थापना सुचारू रूप से हो सके। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और इसके लिए किसानों तथा स्थानीय निवासियों से समन्वय स्थापित किया जाए।

सरकार की विकास योजनाओं पर जोर:-
इस निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े उद्योगों को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी सहयोग प्रदान करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से औद्योगिक पार्क में काम करने वाले श्रमिकों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने की योजना बना रही है, जिसमें उनके लिए आवासीय व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल हैं।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा:-
औद्योगिक पार्क के निर्माण से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा, छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों को भी नए अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

औद्योगिक पार्क की योजना में कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी?:-
सरकार द्वारा प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक उद्योगों के लिए विशेष क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे, जहां पर टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित कंपनियों को कार्य करने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, पार्क के भीतर एक लॉजिस्टिक हब, बैंकिंग सेवाएं, प्रशिक्षण केंद्र और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

सरकार की औद्योगिक नीति का समर्थन:-
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत इस क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार चाहती है कि बिहार में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हों, जिससे राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें और उन्हें अन्य राज्यों में पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बिहार की औद्योगिक नीति में निवेशकों के लिए कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं, जिससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

आगे की योजना:-
निरीक्षण के बाद उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द इस परियोजना की सभी बाधाओं को दूर किया जाए और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना की मॉनिटरिंग करेगी और सुनिश्चित करेगी कि यह समय पर पूरा हो।

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